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9/11 के 25 साल बाद अमेरिका में हवाई यात्रा नियमों में ढील

9/11 हमलों के 25 साल बाद अमेरिका हवाई अड्डों पर सुरक्षा नियमों में ढील दे रहा है। जूते, लिक्विड, गेट एक्सेस और नई स्कैनिंग तकनीक की पूरी कहानी।

25 साल पहले 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों ने दुनिया भर में हवाई यात्रा का चेहरा हमेशा के लिए बदल दिया था। उसके बाद हर यात्री को हवाई अड्डे पर जूते उतारने, लिक्विड की सीमा और गेट के पास विदाई की भावुकता से महरूम रहने की आदत पड़ गई। अब एक चौथाई सदी बाद अमेरिकी सरकार उनमें से कुछ पाबंदियों को धीरे-धीरे ढीला करने लगी है। यह बदलाव सिर्फ तकनीक का नतीजा नहीं, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के बीच नए संतुलन की शुरुआत है।

हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान यात्री

मुख्य बातें

  • जूते उतारने की अनिवार्यता खत्म: पिछले साल अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने कहा कि नियमित सुरक्षा जांच से गुजरने वाले यात्री अब हवाई अड्डे पर जूते पहने रह सकते हैं। यह नियम दिसंबर 2001 में पेरिस-मियामी फ्लाइट में जूते में विस्फोटक छिपाने की कोशिश के बाद लागू हुआ था।
  • लिक्विड नियम कागजी तौर पर वही: हैंड बैग में लिक्विड की आधिकारिक सीमा अब भी 2006 के उस नियम पर आधारित है, जब ब्रिटेन में विमानों में लिक्विड विस्फोटक ले जाने की साजिश नाकाम हुई थी। हालांकि कुछ हवाई अड्डों पर नए स्कैनर बैग से लिक्विड निकाले बिना जांच की अनुमति देते हैं।
  • नई स्कैनिंग तकनीक: डेनवर मेट्रोपॉलिटन स्टेट यूनिवर्सिटी के विमानन विशेषज्ञ जेफ प्राइस के मुताबिक आज की तकनीक पांच साल पहले से बेहतर है। फिर भी हर हवाई अड्डे और हर चेकपॉइंट पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • प्रीचेक और क्लियर जैसे विकल्प: टीएसए का प्रीचेक कार्यक्रम पांच साल के लिए करीब 76.75 डॉलर में तेज जांच लेन देता है। निजी कंपनी क्लियर बायोमेट्रिक डेटा के आधार पर पहचान जांच की अलग लाइन देती है।
  • गेटसाइड कार्यक्रम की शुरुआत: टीएसए ने इस हफ्ते "गेटसाइड" नाम का मुफ्त कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत प्रीचेक सदस्य बोर्डिंग पास के बिना सुरक्षित गेट क्षेत्र में जा सकते हैं। यह सुविधा डलास फोर्ट वर्थ, लॉस एंजिल्स, डेट्रॉइट और साल्ट लेक सिटी समेत 13 हवाई अड्डों पर उपलब्ध है।
  • आवेदन की शर्तें: इच्छुक यात्रियों को एक से तीन दिन पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है और मंजूरी मिलने के बाद ही वे सुरक्षा जांच से गुजरकर गेट क्षेत्र में जा सकते हैं।
  • टीएसए गोल्ड प्लस रद्द: टीएसए ने पिछले महीने के अंत में निजी सुरक्षा देने वाले "टीएसए गोल्ड प्लस" कार्यक्रम को बंद कर दिया। नए प्रमुख डेविड कमिंस के अनुसार इसे बेहतर निजी भागीदारी वाले नए कार्यक्रम से बदला जाएगा।
  • टाम्पा हवाई अड्डे का फैसला: फ्लोरिडा के टाम्पा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने तकनीक को लेकर संतोषजनक जवाब न मिलने पर इस कार्यक्रम से हटने का फैसला किया। हवाई अड्डे का मानना था कि यह सरकारी शटडाउन के असर से बचाव में मददगार हो सकता था।

गहराई से विश्लेषण

इन बदलावों को सिर्फ सुरक्षा नियमों की ढील नहीं, बल्कि पूरे विमानन सुरक्षा मॉडल के पुनर्गठन के रूप में देखना चाहिए। 9/11 के बाद बना "एक जैसा इलाज सबके लिए" वाला ढांचा अब डेटा, बायोमेट्रिक्स और जोखिम-आधारित जांच की ओर बढ़ रहा है। प्रीचेक और क्लियर जैसे कार्यक्रम बताते हैं कि सुरक्षा अब एक ऐसी सेवा बनती जा रही है, जिसमें समय और सुविधा के लिए यात्री अपना व्यक्तिगत डेटा दांव पर लगाता है। यही इस बदलाव का सबसे बड़ा विरोधाभास है।

भारतीय यात्रियों के लिए यह मुद्दा खास है, क्योंकि अमेरिका जाने वाले छात्रों, पेशेवरों और परिवारों को हर बार कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है। गेटसाइड जैसी सुविधा उन लोगों के लिए राहत है जो लंबे लेओवर में दोस्तों से मिलना या विदेश से लौटे सैनिकों का स्वागत करना चाहते हैं। लेकिन यह सुविधा फिलहाल सिर्फ अमेरिकी विश्वसनीय यात्रियों तक सीमित है, इसलिए इसका लाभ वैश्विक यात्रियों को तुरंत नहीं मिलेगा।

दूसरी ओर, खतरे भी बदल गए हैं। सुरक्षा कंपनी के2 सिक्योरिटी स्क्रीनिंग ग्रुप के उपाध्यक्ष और टीएसए से रिटायर कीथ जेफ्रीज मानते हैं कि एआई, साइबर सुरक्षा और ड्रोन अब बड़ी चुनौतियां हैं। उनका यह कहना कि "सुरक्षा का कोई परफेक्ट चूहेदान नहीं होता" इस पूरी बहस का सार है। तकनीक जितनी आगे बढ़ेगी, हमलावर भी नए तरीके खोजते रहेंगे।

आगे का रास्ता संतुलन का है। अगर सरकारें जांच को तेज और स्मार्ट बनाती हैं, तो यात्रा अनुभव बेहतर होगा। लेकिन अगर निजीकरण और डेटा संग्रह बढ़ता है, तो निजता और पारदर्शिता से जुड़े सवाल भी उठेंगे। टीएसए गोल्ड प्लस की विफलता और टाम्पा के फैसले से साफ है कि हवाई अड्डे भी अब बिना जवाब मिले नई तकनीक अपनाने को तैयार नहीं हैं। यही सतर्कता आगे के सुधारों की गति तय करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अब अमेरिका में हवाई अड्डे पर जूते उतारने की जरूरत नहीं है? नियमित सुरक्षा जांच से गुजरने वाले यात्रियों के लिए जूते पहने रहने की अनुमति पिछले साल से दी गई है। हालांकि कुछ हवाई अड्डों या विशेष जांच श्रेणियों में अधिकारी अब भी जूते उतरवा सकते हैं।

क्या लिक्विड ले जाने के नियम बदल गए हैं? कागजी तौर पर लिक्विड कंटेनर की आकार सीमा अब भी लागू है। नए स्कैनर वाले चुनिंदा चेकपॉइंट पर बैग से लिक्विड निकालने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन यह सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं है।

गेटसाइड कार्यक्रम का फायदा किसे मिलेगा? यह मुफ्त कार्यक्रम फिलहाल टीएसए प्रीचेक सदस्यों जैसे विश्वसनीय यात्रियों के लिए है। आवेदन ऑनलाइन, एक से तीन दिन पहले करना होता है और मंजूरी के बाद ही गेट क्षेत्र में प्रवेश मिलता है।

स्रोत URL: https://www.cnbc.com/2026/09/11/9/11-anniversary-air-travel.html

स्रोत URL: https://www.cnbc.com/2026/09/11/9/11-anniversary-air-travel.html

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