बुगाटी सीईओ: सुपरकारों का भविष्य पुराने ज़माने के इंजनों में है
बुगाटी के सीईओ माते रिमैक का कहना है कि सुपरकार बाजार 'स्विस घड़ी चरण' में प्रवेश कर रहा है, जहां अमीर खरीदार इलेक्ट्रिक की जगह पारंपरिक कंबशन इंजन पसंद कर रहे हैं। जानिए इसके पीछे की वजह और बाजार का भविष्य।
सुपरकार की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। बुगाटी के सीईओ माते रिमैक का मानना है कि जहां आम कार बाजार इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है, वहीं सबसे महंगी और शानदार कारों का भविष्य पुराने ज़माने के कंबशन इंजनों में ही है। यह बदलाव अमीर खरीदारों की बदलती पसंद और लग्जरी बाजार के नए रुझानों को दर्शाता है। आइए समझते हैं कि रिमैक का यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है और इसका सुपरकार उद्योग पर क्या असर पड़ेगा।
मुख्य बातें
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सुपरकार बाजार 'स्विस घड़ी चरण' में: रिमैक के अनुसार, सुपरकार बाजार अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां सबसे अमीर खरीदार इलेक्ट्रिक और हाई-टेक सुविधाओं की बजाय सटीक मैकेनिक्स और हाथ से बने विवरणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह स्विस घड़ियों के समान है, जहां डिजिटल घड़ियों के बावजूद महंगी मैकेनिकल घड़ियों की मांग बनी हुई है।
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बाजार का दो हिस्सों में बंटना: रिमैक का कहना है कि कार बाजार दो हिस्सों में बंट रहा है - एक तरफ मुख्यधारा का बाजार जहां सस्ती इलेक्ट्रिक कारें (खासकर चीन से) हावी होंगी, और दूसरी तरफ सबसे ऊपरी हिस्सा जहां अमीर खरीदार तेज़ आवाज़ वाले कंबशन इंजन और भावनात्मक अपील वाली कारें चाहते हैं।
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बुगाटी का नया मॉडल टूरबायॉन: रिमैक की कंपनी ने इलेक्ट्रिक बुगाटी लॉन्च करने की उम्मीदों के विपरीत, 8.3-लीटर V16 इंजन वाली हाइब्रिड कार बनाई है, जो 1,800 हॉर्सपावर की क्षमता रखती है। यह अब तक की सबसे बड़ी नैचुरली एस्पिरेटेड कंबशन इंजन में से एक है।
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सीमित उत्पादन और ऊंची कीमत: बुगाटी सिर्फ 250 टूरबायॉन बनाएगी, जिनकी शुरुआती कीमत लगभग 4.5 मिलियन डॉलर है। खरीदार औसतन 600,000 से 700,000 डॉलर अतिरिक्त पर्सनलाइजेशन पर खर्च करते हैं, जैसे विशेष पेंट, लेदर और डिज़ाइन।
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पर्सनलाइजेशन से मुनाफा: सुपरकार कंपनियों के लिए पर्सनलाइजेशन और कस्टमाइजेशन सबसे बड़ा मुनाफे का जरिया बन गया है। बुगाटी, फेरारी और लेम्बोर्गिनी जैसी कंपनियां अपने टॉप ग्राहकों के लिए खास वन-ऑफ कारें भी बनाती हैं, जिनकी कीमत करोड़ों डॉलर तक होती है।
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मुनाफे पर जोर: रिमैक का लक्ष्य बुगाटी के उत्पादन, गुणवत्ता और मुनाफे को बढ़ाना है, लेकिन एक्सक्लूसिविटी बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि उत्पादन कभी भी 'तीन अंकों की कम संख्या' से ऊपर नहीं जाएगा। कंपनी ने पिछले साल 200 मिलियन यूरो का EBITDA कमाया था।
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मानवीय कारक पर जोर: रिमैक का मानना है कि एआई, ऑटोनॉमस वाहनों और इलेक्ट्रिक कारों के युग में बुगाटी का मार्गदर्शक सिद्धांत मानवीय कारक होगा। उनके अनुसार, प्रदर्शन गौण हो गया है; असली चीज़ 'मानव कौशल का उत्सव' है।

गहन विश्लेषण
रिमैक का यह बयान सुपरकार उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। जहां दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान है, वहीं सबसे महंगे सेगमेंट में खरीदार पारंपरिक इंजनों की ओर लौट रहे हैं। यह सिर्फ तकनीक का मामला नहीं है, बल्कि पहचान और भावनात्मक जुड़ाव का है। अमीर खरीदार ऐसी चीज़ें चाहते हैं जो उनकी निजी कहानी बताएं, उनके व्यक्तित्व को दर्शाएं। यही वजह है कि पर्सनलाइजेशन और वन-ऑफ मॉडल इतने लोकप्रिय हो रहे हैं।
बुगाटी का यह कदम बाकी सुपरकार निर्माताओं के लिए भी एक संकेत है। फेरारी और लेम्बोर्गिनी जैसी कंपनियां भी अपने हाई-एंड मॉडलों में कंबशन इंजन बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं। हालांकि, सख्त उत्सर्जन नियमों के चलते यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन रिमैक का मानना है कि इस सेगमेंट में ग्राहकों की मांग इतनी मजबूत है कि कंपनियां नियमों के बावजूद इन इंजनों को बनाए रख सकती हैं।
भविष्य में, सुपरकार बाजार में इलेक्ट्रिक और कंबशन इंजनों का सह-अस्तित्व देखने को मिल सकता है। जहां कुछ कंपनियां पूरी तरह इलेक्ट्रिक सुपरकारों पर ध्यान देंगी, वहीं बुगाटी जैसी कंपनियां पारंपरिक इंजनों को एक कला के रूप में पेश करेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति लंबे समय में कितनी कारगर साबित होती है, खासकर जब दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बन रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या बुगाटी भविष्य में इलेक्ट्रिक सुपरकार बनाएगी?
हालांकि रिमैक ने इलेक्ट्रिक सुपरकारों की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन उनका मानना है कि आने वाले लंबे समय तक कंबशन इंजन ही सुपरकारों की पहचान बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि 'स्विस घड़ी चरण' में अमीर खरीदार पारंपरिक तकनीक को अधिक महत्व देते हैं।
बुगाटी की सबसे महंगी कार कौन सी है?
बुगाटी की सबसे महंगी कारों में टूरबायॉन शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 4.5 मिलियन डॉलर से शुरू होती है। इसके अलावा, कंपनी अपने टॉप ग्राहकों के लिए वन-ऑफ मॉडल भी बनाती है, जिनकी कीमत दसियों मिलियन डॉलर तक हो सकती है।
क्या सुपरकारों में इलेक्ट्रिक इंजन का भविष्य नहीं है?
रिमैक का मानना है कि सुपरकारों के सबसे ऊपरी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक इंजनों की जगह कंबशन इंजन ही रहेगा, क्योंकि खरीदार भावनात्मक जुड़ाव और विरासत को महत्व देते हैं। हालांकि, कुछ अन्य कंपनियां इलेक्ट्रिक सुपरकारों पर काम कर रही हैं, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि इलेक्ट्रिक का कोई भविष्य नहीं है।
स्रोत URL: https://www.cnbc.com/2026/08/25/bugatti-ceo-mate-rimac-supercars-gas-engines.html
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