शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं वर्षगांठ: शी जिनपिंग के 'तीन सबसे' और चार प्रस्ताव
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बिश्केक में दिए भाषण में 'तीन सबसे' और चार प्रस्ताव रखे। जानें SCO की उपलब्धियां, चुनौतियां और भविष्य की दिशा।
स्रोत: thepaper.cn
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है, और इस ऐतिहासिक अवसर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। यह भाषण ऐसे समय में आया है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रही है। शी जिनपिंग ने SCO की यात्रा को 'तीन सबसे' के रूप में संक्षेपित किया और संगठन के भविष्य के लिए चार प्रस्ताव रखे, जो वैश्विक शासन में चीन की भूमिका और बहुपक्षवाद के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह लेख SCO के महत्व, शी के दृष्टिकोण और इसके वैश्विक निहितार्थों का विश्लेषण करता है।
मुख्य बिंदु
- 'तीन सबसे' का सार: शी जिनपिंग ने SCO की सबसे बड़ी उपलब्धि को दुनिया के सबसे विशाल क्षेत्र, सबसे अधिक आबादी और विशाल विकास क्षमता वाले नए क्षेत्रीय सहयोग संगठन के रूप में स्थापित करना बताया। यह SCO की बढ़ती भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
- 'शंघाई भावना' का महत्व: सबसे मूल्यवान आध्यात्मिक संपत्ति के रूप में 'शंघाई भावना' को रेखांकित किया गया, जो आपसी विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, सभ्यताओं की विविधता का सम्मान और साझा विकास के सिद्धांतों पर आधारित है। यह भावना SCO की पहचान और सफलता का आधार है।
- सही सह-अस्तित्व का मार्ग: सबसे महत्वपूर्ण सहयोग अनुभव गुटनिरपेक्षता, टकराव से बचने और तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने वाला सही रास्ता खोजना है, जिससे क्षेत्रीय देशों ने मिलकर एक साझा घर बनाया है। यह SCO के समावेशी और गैर-टकराव वाले दृष्टिकोण को उजागर करता है।
- चार प्रस्ताव: शी जिनपिंग ने चार प्रस्ताव रखे: पहला, विकास को प्राथमिकता देना और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करना; दूसरा, सुरक्षा को महत्व देना और सार्वभौमिक सुरक्षा का वातावरण बनाना; तीसरा, जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना और पीढ़ियों के बीच मैत्री को मजबूत करना; चौथा, संवाद और परामर्श को बढ़ावा देना और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- चीन की भूमिका: चीन SCO को 'बेल्ट एंड रोड' पहल और वैश्विक विकास पहल के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र मानता है। चीन SCO के 'चार सुरक्षा केंद्रों' के शीघ्र शुभारंभ का समर्थन करता है ताकि सदस्य देशों की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़े।
- वैश्विक मुद्दों पर सहयोग: यूक्रेन, मध्य पूर्व और अफगानिस्तान जैसे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चीन विभिन्न पक्षों के साथ संवाद और समन्वय बढ़ाने, जड़ों को संबोधित करने और राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
- 25 वर्षों की उपलब्धियां: SCO ने अपनी स्थापना के बाद से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और यह वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच बन गया है।
गहन विश्लेषण
शी जिनपिंग का भाषण केवल एक औपचारिक संबोधन नहीं है, बल्कि यह SCO के भविष्य के लिए एक रणनीतिक खाका है। 'तीन सबसे' के माध्यम से उन्होंने SCO की उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है, जो संगठन की वैधता और प्रभावशीलता को मजबूत करता है। 'शंघाई भावना' को सबसे मूल्यवान संपत्ति बताना एक संकेत है कि चीन चाहता है कि SCO अपनी मूल पहचान को बनाए रखे, भले ही वह विस्तार करे। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि SCO में हाल ही में नए सदस्य शामिल हुए हैं, और विभिन्न राजनीतिक प्रणालियों और हितों के बीच सामंजस्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
चार प्रस्ताव विकास, सुरक्षा, लोगों और शासन पर केंद्रित हैं, जो चीन की विदेश नीति के प्रमुख स्तंभों को दर्शाते हैं। 'विकास को प्राथमिकता' का मतलब है कि चीन आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है, जिसमें बेल्ट एंड रोड पहल के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। 'सुरक्षा को महत्व' क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चीन की चिंता को दर्शाता है, खासकर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ। 'जन-केंद्रित' दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि SCO की नीतियां आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाएं, और 'संवाद और परामर्श' वैश्विक शासन में चीन के लोकतांत्रिक और समावेशी दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
भू-राजनीतिक रूप से, SCO को पश्चिमी देशों द्वारा चीन और रूस के प्रभाव क्षेत्र के रूप में देखा जाता है, लेकिन शी का भाषण इस धारणा को चुनौती देता है। उन्होंने गुटनिरपेक्षता और तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने पर जोर दिया, जो SCO को एक रक्षात्मक और रचनात्मक मंच के रूप में पेश करता है। यह विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि यूक्रेन संकट और ताइवान पर बढ़ते तनाव के बीच चीन पश्चिमी प्रतिबंधों और दबाव का सामना कर रहा है। SCO के माध्यम से, चीन वैकल्पिक गठबंधन बना सकता है और अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत कर सकता है।
भविष्य में, SCO की चुनौतियां होंगी: सदस्य देशों के बीच आपसी मतभेद, जैसे कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव, और चीन और रूस के बीच प्रतिस्पर्धा। हालांकि, शी का भाषण एक आशावादी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें 'शंघाई भावना' को एक एकीकृत शक्ति के रूप में देखा गया है। यदि SCO इन सिद्धांतों को बनाए रख सकता है, तो यह वैश्विक शासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर विकासशील देशों के लिए एक मंच के रूप में। चीन की सक्रिय भूमिका यह सुनिश्चित करेगी कि SCO न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रभावशाली आवाज बने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्या है?
SCO एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
'शंघाई भावना' का क्या अर्थ है?
'शंघाई भावना' SCO के मूल सिद्धांतों को संदर्भित करती है: आपसी विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, विभिन्न सभ्यताओं का सम्मान और साझा विकास। यह संगठन की कार्यशैली और निर्णय लेने की प्रक्रिया का आधार है।
SCO का भारत के लिए क्या महत्व है?
भारत SCO का सदस्य है और इस मंच का उपयोग मध्य एशिया में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और चीन, रूस तथा अन्य सदस्य देशों के साथ सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर सहयोग करने के लिए करता है। SCO भारत को क्षेत्रीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है।
स्रोत URL: https://www.thepaper.cn/newsDetail_forward_33990302
स्रोत URL: https://www.thepaper.cn/newsDetail_forward_33990302
संबंधित लेख
अमेरिकी ड्रोन नियंत्रण: चीनी तकनीक पर रोक लगाना खुद को ही परेशान कर रहा है
अमेरिकी पुलिस और उद्योग अब चीनी ड्रोन की तकनीक की उपलब्धता का फायदा उठाने के लिए जुट रहे हैं। यह रोक खुद को ही नुकसान पहुंचा रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका, एंथ्रोपिक के 'माइथोस' से उजागर सॉफ्टवेयर खामियों को दूर करने के लिए 1,000 बाहरी कंट्रैक्टर्स नियुक्त
एंथ्रोपिक के AI मॉडल 'माइथोस' ने बैंक ऑफ अमेरिका के सॉफ्टवेयर सिस्टम में कई खामियां उजागर की हैं। इसके जवाब में बैंक ने कई अरब डॉलर खर्च करके और 1,000 बाहरी कंट्रैक्टर्स को नियुक्त किया है।

ज़ेलेंस्की ने कहा: रूस के तेल शुद्धीकरण प्लांटों पर हमले फिर से शुरू होंगे
ज़ेलेंस्की ने बताया कि रूस पर हमलों को रोकने के लिए अमेरिका के अनुरोध पर उन्होंने 3 दिनों की लड़ाई रोक दी थी।
SpaceX और अमेरिकी सरकार के बीच विवाद: यूक्रेन को Starlink से रुकावट
यूक्रेन को Starshield सेवाओं पर प्रतिबंध लगने की शिकायत, इसके बाद SpaceX और ट्रम्प सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
भारत और अफ्रीका के लिए नई बाधाएं हटाना: चीन का नया 'शून्य टैरिफ़' रणनीति
2026 में चीन द्वारा आयोजित नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों की रणनीति का विश्लेषण और भारत के लिए इसका प्रभाव।

बैंक ऑफ अमेरिका: रेगुलेटरी जुर्माने और ट्रेडिंग रिपोर्ट के बाद शेयरों में 8% की गिरावट
बैंक ऑफ अमेरिका की तीसरी तिमाही की कमाई में गिरावट और अमेरिकी नियामकों से आने वाले 12 अरब डॉलर के जुर्माने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली।

मॉर्गन स्टीलेनी के तीसरे तिमाही लाभ में उछाल, ईक्विटी ट्रेडिंग राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी
मॉर्गन स्टीलेनी ने अपने तीसरे तिमाही लाभ में अपेक्षाओं को नीचे रखा, ईक्विटी ट्रेडिंग विभाग में 41% की वृद्धि देखी गई। एआई निर्माण और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच की जटिल बातचीत ने वाल स्ट्रीट के गतिविधि पर प्रभाव डाला।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अपराधवाद विरोधी लड़ाई: समय के परिवर्तन को संभालना
AI और ड्रोन जैसी तकनीक अपराधवादियों के लिए एक नया खतरा बन रहे हैं। इस लेख में हम इन नए खतरों का विश्लेषण करते हैं और भविष्य की लड़ाई के लिए रणनीतियाँ देखते हैं।
नवीनतम लेख
- AI अपनी पहचान नहीं जानता, चीन और अमेरिका को सहयोग की जरूरत
- यूनाइटेड एयरलाइंस: 2027 में एलाइट स्टेटस प्राप्त करना कैसे और क्यों मुश्किल हो रहा है
- ट्रम्प-पुतिन डीजल समझौते पर अमेरिकी द्विरूपता का आरोप: क्यों भारत और अन्य देश नाराज हैं?
- वालमार्ट ने डायबिटीज़ और वजन कंट्रोल के लिए फ्री दवाएं: अपने कर्मचारियों के लिए नई बेनिफिट प्लान
- लाओस में चीनी नागरिकों के लिए डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव: सरकारी कर्मचारी बनने वाले धोखेबाजों के प्रति चेतावनी
- युक्रेन ने रूस के डेटा सेंटर पर हमला करके सोशल मीडिया पर रूसी बॉट्स को कैसे कम किया?