शंघाई में राजनयिकों ने देखी चीन की शहरी तरक्की और सांस्कृतिक विरासत
20 देशों के 30 राजनयिकों ने शंघाई और जिआंगसु का दौरा किया, जहां उन्होंने शहरी नवीनीकरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के चीनी मॉडल को करीब से देखा।
शंघाई की सड़कों पर चलते हुए, जहां कभी पुराने कारखानों की चिमनियां उठती थीं, अब कला दीर्घाएं और सांस्कृतिक केंद्र बने हुए हैं। यह नज़ारा सिर्फ एक शहर का बदलाव नहीं, बल्कि चीन के शहरी विकास की एक बड़ी कहानी है। हाल ही में, 20 देशों के 30 राजनयिकों और विदेशी प्रतिनिधियों ने 'पीपुल्स सिटी: चीन की शासन प्रणाली और वैश्विक सहयोग' विषयक कार्यक्रम के तहत शंघाई और जिआंगसु का दौरा किया। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक भ्रमण नहीं थी, बल्कि चीन के शहरी प्रशासन, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के व्यावहारिक मॉडल को समझने का एक मंच थी।
मुख्य बातें
- 'औद्योगिक जंग लगी पट्टी' से 'जीवन की सुंदर पट्टी' तक: शंघाई के यांगपू जिले में, पुराने कारखानों और गोदामों को कला दीर्घाओं और सांस्कृतिक स्थलों में बदल दिया गया है। यह शहरी नवीनीकरण का एक प्रमुख उदाहरण है, जहां औद्योगिक विरासत को आधुनिक जीवन से जोड़ा गया है।
- सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन: कार्यक्रम के दौरान, राजनयिकों ने चीनी सुलेख जैसी पारंपरिक कलाओं में भाग लिया। नामीबिया की राजदूत एम्वुला ने 'फू' (福) अक्षर से सजी एक लाल दुपट्टा पहना था, जो उन्हें एक मित्र ने उपहार में दिया था। यह दृश्य चीनी संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।
- नदी पुनरुद्धार की सफलता: सूज़ौ नदी, जो कभी गाद के कारण नौका चलाने योग्य नहीं थी, आज साफ और सुंदर है। राजनयिकों ने नाव से नदी की यात्रा की और जल प्रबंधन की सफलता को देखा।
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा: कार्यक्रम में डिजिटल बुनियादी ढांचे और एआई जैसे विषयों पर संवाद हुआ। कई देशों ने चीन के स्मार्ट सिटी विकास में रुचि दिखाई।
- नामीबिया की रुचि: नामीबिया की राजदूत ने कहा कि चीन की डिजिटल तकनीक और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं उनके देश के विकास में मददगार हो सकती हैं। वे इसे अपने देश की संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप ढालना चाहती हैं।
- केन्या की युवा पीढ़ी: केन्या के उप-राजदूत ने बताया कि उनके देश में युवाओं की बड़ी आबादी है, जो तकनीक में पारंगत है। वे चीन के साथ डिजिटल सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य: इटली के एक पत्रकार ने शंघाई के विकास को 'सुपर हाई' बताया, और कहा कि पिछले दस वर्षों में शहर काफी अंतरराष्ट्रीय हो गया है।
गहन विश्लेषण
यह आयोजन चीन की 'पीपुल्स सिटी' अवधारणा को वैश्विक मंच पर पेश करने की एक रणनीतिक पहल है। चीन न केवल अपनी आर्थिक प्रगति दिखा रहा है, बल्कि शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अपने अनुभव साझा करके अपनी सॉफ्ट पावर बढ़ा रहा है। यह यात्रा 'बेल्ट एंड रोड' पहल और वैश्विक विकास पहल के अनुरूप है, जहां चीन विकासशील देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है।
राजनयिकों की टिप्पणियों से स्पष्ट है कि वे सिर्फ चीन की तारीफ करने नहीं आए थे, बल्कि वे अपने देशों के लिए ठोस सबक लेना चाहते हैं। नामीबिया और केन्या जैसे अफ्रीकी देशों के लिए, चीन का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी मॉडल विशेष रूप से प्रासंगिक है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि ये देश चीनी मॉडल को अपने स्थानीय संदर्भ में कैसे ढालते हैं, क्योंकि सीधे नकल करना शायद ही कारगर हो।
भविष्य में, इस तरह के कार्यक्रम चीन और अन्य देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को और गहरा करेंगे। शंघाई का उदाहरण दिखाता है कि कैसे एक शहर अपनी औद्योगिक विरासत को संजोते हुए आधुनिकता की ओर बढ़ सकता है। यह कई विकासशील देशों के लिए एक प्रेरणा है, जो तेजी से शहरीकरण का सामना कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य चीन के शहरी विकास और शासन मॉडल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत करना था, ताकि विभिन्न देश आपसी अनुभवों से सीख सकें और सहयोग के नए रास्ते खोज सकें।
चीन का शहरी नवीनीकरण मॉडल क्या है?
चीन का मॉडल पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को सांस्कृतिक और रचनात्मक स्थलों में बदलने पर केंद्रित है, साथ ही डिजिटल तकनीक और स्मार्ट सिटी समाधानों को एकीकृत करता है। यह न केवल भौतिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाता है, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है।
क्या अन्य देश चीन के अनुभव से लाभ उठा सकते हैं?
हां, लेकिन उन्हें अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलन करना होगा। जैसा कि नामीबिया की राजदूत ने कहा, चीनी तकनीक और मॉडल को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ जोड़कर ही सफलता मिल सकती है।


स्रोत URL: https://www.thepaper.cn/newsDetail_forward_34029292
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