मैनहट्टन की लग्जरी रेंटल मार्केट में उछाल, 1 लाख डॉलर प्रति माह तक पहुंचे किराए
मैनहट्टन में अमीर किरायेदारों की बढ़ती संख्या से लग्जरी रेंटल का बाजार गर्म है। जुलाई में औसत किराया 5,000 डॉलर प्रति माह का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि टॉप 10% लग्जरी रेंटल का औसत 17,464 डॉलर प्रति माह हो गया। जानें इस बूम के पीछे की वजहें और बाजार का भविष्य।
न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में लग्जरी रेंटल का बाजार इन दिनों तेजी से गर्म हो रहा है। ब्रोकर्स के मुताबिक, अमीर किरायेदारों की बढ़ती संख्या ने किराए को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। जुलाई में मैनहट्टन का मीडियन किराया 5,000 डॉलर प्रति माह का ऑल-टाइम हाई छू गया, जबकि औसत किराया सालाना आधार पर 15% बढ़कर 6,306 डॉलर हो गया। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी लग्जरी सेगमेंट में देखने को मिली है, जहां टॉप 10% रेंटल का औसत किराया पिछले साल की तुलना में 35% उछलकर 17,464 डॉलर प्रति माह पहुंच गया है। यानी लग्जरी रेंटल अब औसतन 121 डॉलर प्रति स्क्वायर फुट पर बिक रहे हैं।
मुख्य बातें
- रिकॉर्ड किराए: मैनहट्टन में मीडियन किराया 5,000 डॉलर प्रति माह का नया रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से अमीर किरायेदारों की बढ़ती मांग से प्रेरित है।
- लग्जरी सेगमेंट में उछाल: टॉप 10% लग्जरी रेंटल का औसत किराया पिछले साल की तुलना में 35% बढ़कर 17,464 डॉलर प्रति माह हो गया है। यह आंकड़ा बताता है कि अमीर लोग अब खरीदने के बजाय किराए पर रहना पसंद कर रहे हैं।
- अल्ट्रा-हाई-एंड रेंटल: 50,000 डॉलर प्रति माह से अधिक किराए वाले अपार्टमेंट की संख्या 2025 की तुलना में दोगुनी हो गई है, जबकि 100,000 डॉलर प्रति माह से अधिक किराए वाले अपार्टमेंट की संख्या सात गुना बढ़ गई है। यह दर्शाता है कि मेगा-रेंटल का एक नया बाजार उभर रहा है।
- खरीदारों का रुख: कई अल्ट्रा-वेल्दी न्यूयॉर्कवासी, जिनके पास खरीदने के लिए पर्याप्त नकदी है, वे अब किराए पर रहना चुन रहे हैं। इसकी वजह है हाई-एंड प्रॉपर्टी की रिकॉर्ड कम सप्लाई और मैनहट्टन में रीसेल की कीमतों में गिरावट या स्थिरता, जिससे अपार्टमेंट निवेश के नजरिए से कम आकर्षक हो गए हैं।
- पीड-ए-टेरे टैक्स का असर: न्यूयॉर्क में हाई-वैल्यू सेकेंड होम्स पर लगाए गए नए पीड-ए-टेरे टैक्स ने कई अमीर खरीदारों को किराए पर रहने के लिए प्रेरित किया है। कोरकोरन ग्रुप की सीईओ पाम लिबमैन के मुताबिक, इस टैक्स की घोषणा के बाद रेंटल में तेज बढ़ोतरी देखी गई है।
- गोपनीय डील: अल्ट्रा-हाई-एंड रेंटल में से कई सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध नहीं होते, बल्कि हाई-एंड ब्रोकर्स के छोटे नेटवर्क के जरिए चुनिंदा अमीर ग्राहकों को पेश किए जाते हैं। बेस्पोक रियल एस्टेट की लौरा क्लेन ऐसे ही कुछ रेंटल ब्रोकर हैं, जिन्होंने चेल्सी में एक पेंटहाउस 177,000 डॉलर प्रति माह में किराए पर दिया।
- टर्नकी प्रॉपर्टी की मांग: क्लेन के मुताबिक, 100,000 डॉलर प्रति माह का किराया अब लगभग सामान्य हो गया है। ये किरायेदार टर्नकी, अनोखी और ट्रॉफी प्रॉपर्टी चाहते हैं। मालिकों को इस किराए की आय की जरूरत नहीं होती, लेकिन वे मांग को देखते हुए अवसर का फायदा उठाते हैं।
गहन विश्लेषण
मैनहट्टन के लग्जरी रेंटल मार्केट में यह उछाल सिर्फ एक अस्थायी प्रवृत्ति नहीं है, बल्कि यह अमीरों के रहने के तरीके में बदलाव का संकेत है। पारंपरिक रूप से, किराए पर रहने वाले वे लोग होते हैं जो खरीद नहीं सकते, लेकिन आज के बाजार में, अल्ट्रा-वेल्दी लोग खरीदने की क्षमता रखते हुए भी किराए को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें हाई-एंड प्रॉपर्टी की कम सप्लाई, रीसेल की कीमतों में गिरावट, और नया पीड-ए-टेरे टैक्स शामिल हैं। यह बदलाव न केवल न्यूयॉर्क के रियल एस्टेट बाजार को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
यह प्रवृत्ति बताती है कि अमीर लोग अब संपत्ति के मालिक होने की बजाय लचीलापन और सुविधा को अधिक महत्व दे रहे हैं। वे अपने ड्रीम होम की तलाश में किराए पर रहना पसंद कर रहे हैं, जबकि बाजार में उपयुक्त प्रॉपर्टी की कमी है। इसके अलावा, टैक्स नीतियां भी इस बदलाव को बढ़ावा दे रही हैं, क्योंकि सेकेंड होम्स पर टैक्स लगने से खरीदारी कम आकर्षक हो गई है।
भविष्य में, यह उम्मीद की जा सकती है कि लग्जरी रेंटल मार्केट में यह ग्रोथ जारी रहेगी, खासकर तब तक जब तक हाई-एंड प्रॉपर्टी की सप्लाई सीमित रहेगी। हालांकि, अगर ब्याज दरों में गिरावट आती है या प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर होती हैं, तो कुछ अमीर किरायेदार फिर से खरीदारी की ओर रुख कर सकते हैं। फिलहाल, मैनहट्टन का लग्जरी रेंटल मार्केट एक मजबूत स्थिति में है, और यह प्रवृत्ति आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मैनहट्टन में लग्जरी रेंटल की कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं?
मुख्य कारण हैं हाई-एंड प्रॉपर्टी की कम सप्लाई, नया पीड-ए-टेरे टैक्स, और अमीर लोगों का खरीदने के बजाय किराए पर रहने का बदलता रुझान। ये सभी कारक मिलकर मांग को बढ़ा रहे हैं, जिससे किराए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
क्या यह प्रवृत्ति लंबे समय तक जारी रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हाई-एंड प्रॉपर्टी की सप्लाई सीमित रहेगी और टैक्स नीतियां अनुकूल रहेंगी, तब तक लग्जरी रेंटल की मांग बनी रहेगी। हालांकि, अगर आर्थिक स्थितियां बदलती हैं, तो यह प्रवृत्ति धीमी हो सकती है।
क्या 100,000 डॉलर प्रति माह का किराया सामान्य है?
लौरा क्लेन जैसे ब्रोकर्स के मुताबिक, अब यह लगभग सामान्य हो गया है, खासकर अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में। ये रेंटल आमतौर पर सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध नहीं होते और चुनिंदा ग्राहकों को ही पेश किए जाते हैं।
स्रोत URL: https://www.cnbc.com/2026/08/31/manhattan-luxury-rentals-100000-month.html
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