शंघाई सहयोग संगठन: बिश्केक शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति की चार प्राथमिकताएं
जानिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा रखी गई चार प्राथमिकताओं के बारे में, जो विकास, सुरक्षा, जनता और शासन पर केंद्रित हैं।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 26वां शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में संपन्न हुआ, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संगठन के भविष्य के लिए चार प्रमुख प्रस्ताव रखे। यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और बहुपक्षवाद को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। SCO, जो दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक है, अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है, और इस अवसर पर चीनी नेतृत्व ने सहयोग की नई दिशा तय करने का प्रयास किया है।
मुख्य बिंदु
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विकास को प्राथमिकता: शी चिनफिंग ने सदस्य देशों से समावेशी और लाभकारी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने पारंपरिक क्षेत्रों जैसे व्यापार, निवेश, और ऊर्जा के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और हरित ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
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सुरक्षा सहयोग: चीनी राष्ट्रपति ने आतंकवाद, अलगाववाद, और उग्रवाद (तीन बुराइयों) के साथ-साथ साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सूचना, जैविक और बाहरी अंतरिक्ष सुरक्षा में सहयोग का भी आह्वान किया।
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लोगों के बीच संपर्क: शी ने शैक्षिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि चीन एक बेसिक एजुकेशन कोऑपरेशन सेंटर स्थापित करेगा और कन्फ्यूशियस संस्थानों तथा लुबान वर्कशॉप जैसे मंचों के माध्यम से आपसी समझ को बढ़ावा देगा।
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शासन में सुधार: चीनी नेतृत्व ने सदस्य देशों से बातचीत और परामर्श के माध्यम से विवादों को सुलझाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने SCO की कार्यप्रणाली में सुधार और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने का भी सुझाव दिया।
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25 साल की उपलब्धियां: सम्मेलन में SCO की 25 वर्षों की यात्रा को रेखांकित किया गया, जिसमें इसे दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठन के रूप में विकसित होते देखा गया। 'शंघाई स्पिरिट' – आपसी विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, सभ्यताओं की विविधता का सम्मान और साझा विकास – को इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया गया।
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भविष्य की रणनीति: चीन ने SCO के अगले 10 वर्षों के विकास रणनीति को लागू करने का आह्वान किया, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
नई साझेदारी: सम्मेलन में पाकिस्तान को अगले वर्ष के लिए अध्यक्षता सौंपी गई, और कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें बिश्केक घोषणा और SCO चार्टर में संशोधन शामिल हैं।
गहन विश्लेषण
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव आ रहा है, और पश्चिमी देशों के साथ तनाव बढ़ रहा है। SCO, जिसमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, और मध्य एशियाई देश शामिल हैं, को अक्सर पश्चिमी गठबंधनों के विकल्प के रूप में देखा जाता है। चीनी राष्ट्रपति का 'विकास प्रथम' पर जोर यह दर्शाता है कि बीजिंग आर्थिक सहयोग को भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखना चाहता है।
'शांति और विकास' के विषय को केंद्र में रखकर चीन SCO के माध्यम से अपने 'बेल्ट एंड रोड' पहल को और आगे बढ़ाना चाहता है। चीन ने SCO देशों के साथ 100 वैज्ञानिक और तकनीकी परियोजनाओं की घोषणा की है, जो तकनीकी क्षेत्र में अपनी भूमिका को मजबूत करने का संकेत है। साथ ही, सुरक्षा के क्षेत्र में 'चार सुरक्षा केंद्रों' की स्थापना का प्रस्ताव आतंकवाद और साइबर खतरों से निपटने के लिए एक ठोस कदम है।
हालांकि, SCO के भीतर चीन और रूस के बीच प्रभाव की होड़ और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। फिर भी, बिश्केक सम्मेलन ने एकजुटता का संदेश दिया है, जो बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में SCO की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में, SCO के विस्तार और गहन सहयोग से वैश्विक मामलों में इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्या है? SCO एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
बिश्केक शिखर सम्मेलन के मुख्य परिणाम क्या रहे? सम्मेलन में सदस्य देशों ने बिश्केक घोषणा को अपनाया, SCO चार्टर में संशोधन को मंजूरी दी, और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संबंधित 28 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान को अगले वर्ष के लिए अध्यक्षता सौंपी गई।
चीन ने SCO में क्या नई पहल की घोषणा की? चीन ने SCO देशों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय AI एप्लिकेशन सहयोग केंद्र स्थापित करने, तियानजिन में एक बंदरगाह आर्थिक सहयोग केंद्र बनाने, और अगले तीन वर्षों में 100 वैज्ञानिक और तकनीकी परियोजनाओं को लागू करने की घोषणा की।
स्रोत URL: https://www.thepaper.cn/newsDetail_forward_33983028
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